सौर ऊर्जा का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन रहा है देश

भारत अक्षय ऊर्जा पर बहुत जोर दे रहा है और दुनियाभर की सोलर कंपनियां उसे गौर से देख रही हैं। पिछले साल नवंबर में देश में दुनिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट स्थापित किया गया, जिससे डेढ़ लाख घरों में सप्लाई लायक बिजली पैदा होगी। इसमें इजाफा करते हुए भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष में सौर ऊर्जा से बिजली बनाने की क्षमता में 5,525 मेगावॉट और जोड़े हैं। इस तरह ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों से हमारा कुल उत्पादन 12,288 मेगावॉट हो गया है।ब्लूमबर्ग के मुताबिक देश के सोलर पैनल उत्पादन उद्योग पर प्रधानमंत्री मोदी 210 अरब रुपए खर्च करना चाहते हैं ताकि देश की फोटो वोल्टिक क्षमता को बढ़ाकर इसे निर्यात उद्योग बनाया जा सके। इसे ‘प्रयास इनिशिएटिव’ का नाम दिया गया है। इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। हमारे देश में बिजली के अभाव में अब भी 30 करोड़ लोग रात के अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। एेसे में सौर ऊर्जा बिजली पैदा करने का किफायती माध्यम साबित हो सकता है। इसी योजना पर काम करते हुए सरकार की अपेक्षा है कि कुल बिजली उत्पादन का 40 फीसदी अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पैदा किया जाए, जिसमें मुख्यत: सौर ऊर्जा का योगदान हो। हाल ही में सौर ऊर्जा का शुल्क दर का रिकॉर्ड न्यूनतम रहना इसी की पुष्टि है। सोलर पैनल की गिरती कीमतों के साथ सौर ऊर्जा की दरें भी नीचे आ रही हैं। डेवलपर का जोखिम कम करने वाले बेहतर प्रोजेक्ट संरचना और विदेशी मुद्रा के बेहतर सौदों से अब फाइनेंस किफायती लागत पर उपलब्ध है।
मौजूदा एनडीए सरकार के सक्रिय प्रयासों का नतीजा है कि सन पॉवर सीईओ टॉम वर्नर ने कहा है कि भारत जल्द ही सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा। टेस्ला की भी निगाह है और वह इसी गर्मी में भारतीय बाजार में आ जाएगी। सीईओ एलॉन मस्क ने ट्वीट करके यह बताया है। सही है कि सौर ऊर्जा उत्पादन के मामले में हम कई विकसित देशों से पीछे हैं लेकिन, यदि हम हर घर में बिजली पहुंचाने के साथ अतिरिक्त बिजली पैदा करना चाहते हैं तो यही आगे का रास्ता होना चाहिए।सिद्धार्थ सचदेव, 23
आईआईएम, रायपुर
facebook.com/Sidharth.sachdev
It takes only 5 seconds to share, If you care plz plz share, It help us to grow.

Advertisement

 

Top News