सिर्फ सकारात्मक सोच काफी नहीं, कर्म करना भी जरूरी

जो ऊर्जाहीन हो जाते हैं या जो कर्म से दूरी बना लेते हैं वे नहीं, बल्कि जो पुरस्कार की अपेक्षा किए बिना कर्म करते हैं, वे ध्यान का लक्ष्य हासिल करते हैं। -भगवान कृष्णमैं उदास, अकेला, हताश रहा करता था। मेरे पास न पैसा होता था न यार-दोस्त। मुझे समझ में नहीं आता था कि मैं अपनी जिंदगी का क्या करूं। लेकिन अपने दिल में मैं जानता था कि मेरी जिंदगी में बहुत कुछ है और एक दिन दैवी कृपा से मैं उसे खोज निकालूंगा। मैंने किताबों में शरण ली। बिज़नेस के लोगों की जीवनियां पढ़ीं, मनोविज्ञान, सफलता, अर्थशास्त्र, बिज़नेस और हर उस क्षेत्र की किताबें पढ़ीं जो मेरी जिंदगी को बेहतर बना सकता था। फिर भी मेरी जिंदगी नहीं बदल रही थी, जबकि मैं अच्छा व्यक्ति था और सकारात्मक विचारों पर जोर दे रहा था। मेरे आसपास लोग नई कारें, मकान और कपड़े खरीद रहे थे और जिंदगी का अानंद ले रहे थे, जबकि मैं था कि अपनी जिंदगी से संघर्ष कर रहा था। क्या आप ऐसे अनुभव से गुजरने वाले किसी को जानते हैं?फिर कुछ अविश्वसनीय हुआ- एक पल में मेरी जिंदगी बदल गई। मैंने गीता को पढ़ना शुरू किया (और आज भी पढ़ना जारी है!)। इसमें भगवान कृष्ण ने कर्म करने का महत्व बताया है, सिर्फ अर्जुन को नहीं बल्कि हम सबको। मुझे ऐसा लगा जैसे वे मुझे ही बता रहे हैं और कह रहे हैं कि ऊर्जा से भरकर कदम उठाओ। इससे मुझे अपना मनोविज्ञान तत्काल बदलने की प्रेरणा मिली और अहसास हुआ कि मुझे अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक्शन की जरूरत है। मैंने मिलने वाले फल की चिंता किए बिना कर्म करना शुरू किया। जितना कर्म मैं करता उतनी मेरी जिंदगी बदलती और मैं अपने लक्ष्य के उतना करीब पहुंचता। आज यदि ‘द हैप्पीनेयर वे’ पूरे भारत और दुनिया में लोगों की जिंदगी को छू सका है तो वह इसलिए कि मैंने व्यापक रूप से कर्म किया, एक्शन ली। मैंने समझा कि सिर्फ पुस्तकें पढ़ना और सेमीनारों में जाना ही काफी नहीं है, मैं जो सीख रहा हूं उस पर कदम उठाना भी जरूरी है। यह तो वही हुआ कि किसी की कार पंक्चर हो जाए तो वह सकारात्मक विचार करें कि कैसे पंक्चर जुड़ गया है और मैं अपनी यात्रा मजे में कर रहा हूं। कुछ नहीं होगा, क्योंकि वह कोई एक्शन नहीं ले रहा।आप इसे पढ़ रहे हैं इसका कारण यह है कि ब्रह्माण्ड की शक्ति चाहती है कि आप इसे पढ़ें और वही शक्ति चाहती थी कि मैं इसे लिखूं, खासतौर पर आपके लिए। इसे पूरा पढ़ते ही वादा करें कि आप अपनी जिंदगी के हर क्षेत्र में कदम उठाएंगे। ठीक इस पल से। आप वह फैसला लेंगे, जो आप टालते जा रहे हैं और जो आपकी आय को तेजी से बढ़ाने वाला है। आप ऐसे लोगों से मिलेंगे, जो आपकी जिंदगी बदल देंगे। आप उस नए जॉब या बिज़नेस के लिए कोशिश करेंगे। अाप अपने पति, पत्नी, माता-पिता या बच्चों के लिए प्रेम का इजहार करेंगे। आप एक्सरसाइज शुरू करेंगेे। आप उन छुटि्टयों पर जाएंगे, जिसका आपने सपना देखा है। क्या यह आपका मुझसे, और ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि खुद से किया वादा है? यदि मैंने उत्तर में ‘हां’ सुना है (मुुझे भरोसा है कि यही सुना है!) तो मैं तेजी से बढ़ते हैप्पीयोनेयर परिवार में आपका स्वागत करता हूं!योगेश छाबरिया संस्थापक द हैप्पीनेयर वे, ऑथर yogeshchabria@happionaire.com
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